जिले के विकास में पंचायतों की भूमिका अहम, मिलजुल कर बेहतर तरीके से कार्य करें पंचायत जनप्रतिधि: जिलाधिकारी।

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बेतिया। महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अंतर्गत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु मनरेगा कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं जीविका दीदियों का प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन आज स्थानीय ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम अंतर्गत जिले के कुल-303 ग्राम पंचायत के मुखिया को मनरेगा अंर्तगत मेट एवं एनएमएमएस का प्रशिक्षण एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रशिक्षण दिया गया।जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, आयुक्त, नगर निगम, बेतिया, श्री शंभु कुमार, निदेशक, डीआरडीए, श्री सुजीत बरनवाल, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, श्री मनीष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के उदेश्यों को पूरा करना है। इसमें पंचायत के माननीय जनप्रतिनिधियों का अपेक्षित सहयोग आवश्यक है। जिले के विकास में पंचायतों की अहम भूमिका है। मिलजुल कर बेहतर तरीके से कार्य करें और पंचायत का विकास करें। पंचायत का विकास होगा तो जिले और राज्य का भी विकास होगा। न्याय के साथ विकास की गति को आगे बढ़ाने में सभी पंचायत प्रतिनिधि सहयोग करें।सरकार के मापदंडों का पालन करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायी जाय। विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देशों का अध्ययन करें और उसी के अनुरूप पंचायतों में विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं का गुणवतापूर्ण तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राक्कलन का पूरा-पूरा ख्याल रखा जाय। गुणवता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं की जायेगी। अनियमितता एवं गड़बड़ी होने पर संबंधित के विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई भी निश्चित है। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए भी बेहद आवश्यक है। अच्छे तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें। अगर कोई जिज्ञासा हो तो, प्रशिक्षक से पूछे, आपके सभी प्रश्नों का समुचित जवाब प्रशिक्षकों द्वारा दिया जायेगा। उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार ने कहा कि मनरेगा भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो देश में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार और आजीविका प्रदान करने का प्रयास करती है। मनरेगा का उदेश्य वितीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा द्वारा मांग आधारित मजदूरी ने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों की आय के पूरक के रूप में मदद की है, कई किसानों ने मनरेगा मजदूरी से हुई को अपनी भूमि पर खेती की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया है। मनरेगा के तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संबंधित विकास कार्यों ने मिट्टी की गुणवता और जलस्तर में सुधार करने में मदद की है। उन्होंने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिलान्तर्गत मानव दिवस सृजन वितीय वर्ष 2022-23 में कुल-65 लाख 27 हजार 93 मानव दिवस का सृजन किया गया है। वितीय वर्ष 2023-24 में अबतक कुल-05 लाख 39 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत पश्चिम चम्पारण में कुल-418 तालाबों, 31 आहरों एवं 593 पईनों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। नए जल स्रोत अवयव अंतर्गत कुल-514 निजी तालाबों का भी निर्माण कराया गया है। इस अभियान के तहत मनरेगा से वितीय वर्ष 2022-23 में कुल-05 लाख 99 हजार वृक्षारोपण किया गया है। वितीय वर्ष 2023-24 में कुल-06 लाख 06 हजार वृक्षारोपण करने हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिला में विभाग द्वारा अमृत सरोवर अंतर्गत 75 तालाबों के लक्ष्य के विरूद्ध में जिलास्तर पर 78 अमृत सरोवर का कार्य प्रारंभ करते हुए कुल-38 योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। उप विकास आयुक्त द्वारा मनरेगा जीविका मेट के संदर्भ में पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मियों, जीविका दीदियों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने बताया कि जिलान्तर्गत कुल-1831 मेटों का आवेदन पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें 1214 मेटो का चयन किया गया है। मेट चयन में मनरेगा अंतर्गत महिला के अलावा ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग, जीविका सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं, महिला मुखिया परिवार की महिलायें, मनरेगा योजना में कार्य करने वाली महिलाओं को प्रगाथमिकता दी गयी है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में मेट की अवधारणा की गई है, जिसके तहत प्रत्येक 20 श्रमिको पर एक मेट का चयन किया जाएगा, जिसके लिए मनरेगा अंतर्गत कार्यरत महिला, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, जीविका सहायता समूह के सदस्य को प्राथमिकता देने की बात कही गयी साथ लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत क्रियान्वित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ-प्लस बनाने हेतु किये जाने वाले कार्यो पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। जिला अंतर्गत मनरेगा एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर 16 मुखियाओं यथा-श्री संतोष कुमार, श्रीमती तारा देवी, श्रीमती अनंता देवी, श्री अजित कुमार दूबे, श्रीमती हंकारी देवी, श्री नवीन प्रसाद, श्री कन्हैया प्रसाद, श्री सुनील कुमार सिंह, श्री रामदेव भगत, श्रीमती सबीता देवी, श्रीमती अंतिमा देवी आदि को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मेरा गांव-मेरा उद्यान अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुखिया श्री आशीष भट्ट, श्रीमती सुषमा देवी तथा अमृत सरोवर अंतर्गत बेहतर कार्य करने वाले मुखिया श्रीमती आशा देवी, श्री हरेन्द्र प्रसाद, श्री विनोद कुमार पाण्डेय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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