संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन।

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मझौलिया से राजू शर्मा की रिपोर्ट…..

बेतिया/मझौलिया। मझौलिया प्रखंड परिसर में राज्य संघ के आह्वान पर संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया गया ।इस दौरान पश्चिम चंपारण के प्रारंभिक शिक्षा संघ परिवर्तनकारी जिलाध्यक्ष नंदन कुमार ने कहा कि शिक्षक नियमावली 2023 शिक्षा विभाग बिहार सरकार द्वारा 10 अप्रैल को जारी किया गया था यह शिक्षक नियमावली 2023 पूर्व से बहाल शिक्षकों के लिए एक बड़ा धोखा व छलावा है ।बार-बार नियोजित शिक्षकों के स्थानांतरण स्नातक प्रोन्नति प्रधानाध्यापक में प्रोन्नति कालबृद्ध प्रोन्नति वरीयता आदि मुद्दे को लेकर सदन में नई नियमावली के तरह सुधारने की घोषणा करके ठगने का कार्य किया गया हैं । सरकार ने सदन को भी गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है । नियोजित शिक्षकों के 15 साल से अधिक अवधि बिहार के शिक्षा व्यवस्था को समर्पित कर दिया और जब उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा एवं सम्मानजनक वेतनमान मिलना चाहिए तो बिहार सरकार ने 7 वे चरण के बहाली हेतु एक नई नियामावली लाकर इस नियमावली को पूर्व से बहाल शिक्षकों पर भी थोप दिया कि बिहार लोक सेवा आयोग से परीक्षा पास करने के बाद ही राज्य कर्मी का दर्जा एवं वेतनमान मिलेगा। शिक्षकों के अनुसार सरकार अति शीघ्र नियमावली में सुधार करते हुए पूर्व से बहाल शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा जिला संवर्ग और पुरानी पेंशन बहाल करें अन्यथा पूरे बिहार के शिक्षक बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे । इस दौरान शिक्षकों ने संयुक्त रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी वरुण केतन को एक ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर नंदन कुमार, मनकेश्वर राम, आशीष उपाध्याय, अनिल सिंह, सुनील उपाध्याय, मनोहर मियां, अरविंद कुमार उपाध्याय, अफरोज अंसारी, रामबालक प्रसाद, गेनी लाल यादव, संजय कुमार, रामबाबू पांडे, लालबाबू राम, राजेश कुमार, रामा शंकर प्रसाद, जय प्रकाश सिंह, रवि रंजन कुमार, गौरी शंकर महतो, जय प्रकाश चौधरी, राजन कुमार पांडे, डीके पांडे, प्रदीप कुमार गुप्ता, जितेंद्र कुमार आदि शिक्षक मौजूद थे।

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