जर्जर सड़क से आवागमन में परेशानी, जान जोखिम में डालकर राहगीर करते हैं सफर।

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मझौलिया से राजू शर्मा की रिपोर्ट….

बेतिया/मझौलिया। कहा जाता है कि सड़क किसी भी इलाके की विकास की पहली पहचान होती है। अच्छी सड़क आम लोगों की सरकार से पहली मांग भी होती है। भले विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन लालसरैया पंचायत से करमवा, राजाभार जाने वाली मुख्य मार्ग में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क काफी जर्जर हो चुकी है।

ग्रामीण जर्जर सड़क से परेशान हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस में सुधार को लेकर उदासीन बने हुए हैं। प्रमुख पति मंटू कुशवाहा, नमाजी मियां, सत्यनारायण ठाकुर , मोहन गुप्ता , सुदामा सहनी, नारद सिंह , सत्रुधन प्रसाद , राम एकबाल प्रसाद ,जोखू सहनी , कमलेश सिंह, जटाशंकर सिंह , ऋषिकांत सहनी,मंटू कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के जर्जर होने के कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात होने पर इस सड़क से होकर गुजरने में गिरने की संभावना बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों को गिरकर चोटिल होना नियति बनी हुई है।

इस सड़क में एक से डेढ़ फीट लगभग 1 किलोमीटर गड्ढे हो चुके है। जान जोखिम में डाल कर राहगीर आवागमन करते है । जबकि इस मार्ग पर अधिकांश कृषि भूमि से संबंधित किसानों व लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इस बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों ने सांसद डॉक्टर संजय जयसवाल एवं स्थानीय विधायिका रेणु देवी से शिकायत की उनके द्वारा उक्त सड़क को जल्द दुरूस्त कराने का आश्वासन भी दिया था लेकिन आज भी समस्या वही है। जिसको लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है।

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