मां और शिशु की सुरक्षा का संकल्प, मातृत्व सेवा के 10 स्वर्णिम वर्ष पूरे।

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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की दशक भर की उपलब्धियों का जश्न

वाल्मीकिनगर में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं को दी गई निःशुल्क जांच और परामर्श सुविधा

जिला ब्यूरो, विवेक कुमार सिंह

बेतिया/वाल्मीकिनगर:- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वाल्मीकिनगर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। शिविर में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की। अभियान के तहत प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) से संबंधित सभी आवश्यक जांचें निःशुल्क की गईं। महिलाओं का ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन और ब्लड शुगर टेस्ट किया गया, ताकि गर्भावस्था के दौरान होने वाली संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। शिविर में मौजूद चिकित्सक डॉ. सीमा गिरी ने गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं को आयरन, कैल्शियम सहित अन्य आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। साथ ही पोषण संबंधी परामर्श देकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। आशा और एएनएम कर्मियों ने भी महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, संस्थागत प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी जानकारी प्रदान की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। पिछले 10 वर्षों में इस अभियान ने लाखों महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व का लाभ पहुंचाया है। प्रत्येक माह की 9 तारीख को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। शिविर के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज की आधारशिला है। नियमित जांच, उचित पोषण और समय पर चिकित्सा परामर्श के माध्यम से हर महिला को सुरक्षित मातृत्व का अधिकार दिलाना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है। महिलाओं ने भी शिविर में मिली सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी पहल बताया।

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